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Showing posts from July, 2020

what are the 24 character strenngths

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 पाज़िटिव साइकालजी एक ऐसा विज्ञान है ,जिसके माध्यम से हम किसी भी व्यक्ति जो परेशानिओ से झुंझ रहा है ,वह अपने वर्तमान जीवन मे अपने आप को समस्याओ से घिरा हुआ समझ रहा हो और उसे कहीं  भी रास्ता नहीं दिखाई दे रहा हो ,ऐसी स्तिथि मे यह विज्ञान उसके लिए आशा की एक ऐसी किरण है जो उसे उसके जीवन मे आई सभी परेशानिओ को दूर करने मे उसकी मदद करेगी। जीवन जीने के एक ऐसे रास्ते पर अग्रसर करेगी, जिसके द्वारा सबसे पहले उसका परिचय अपने आप से होगा। उसके अंदर क्या -क्या खूबियाँ है ,क्या उसकी कमजोरियाँ है,एन सभी बातों को वह जानेगा ओर अपने जीवन को और बेहतर बना पाएगा। यह विज्ञान आज की शिक्षा पद्धति मे बहुत ही प्रासंगिक है । इस विज्ञान के द्वारा छात्र अपने व्यक्तित्व को पहचान पाने मे ,अपनी खूबियों,कमियों और अपने लक्ष्य को निर्धारित करने मे सक्षम होंगे। जीवन मे समस्या आने पर कैसे उसका सामना करना चाहिए ,कठिन परिस्थियों मे किस प्रकार बिना अपना धैर्य खोए सही उपाय करना चाहिए आदि बातों से अवगत होंगे।   जब मैंने पाज़िटिव साइकालजी के बारे मे जाना ,तब मेरे मन में बस ये ख्याल था कि यह एक ऐसा माध्य...

सकारात्मक मनोविज्ञान के क्या फायदे है ?

सकारात्मक मनोविज्ञान के सभी लाभों को सूचीबद्ध करना असंभव होगा, लेकिन हम सकारात्मक मनोविज्ञान के अभ्यास के कुछ सबसे प्रभावशाली परिणामों का देखने  प्रयास करेंगे।  सामान्य तौर पर, सकारात्मक मनोविज्ञान का सबसे बड़ा संभावित लाभ यह है कि यह हमें किसी के दृष्टिकोण को बदलने की शक्ति सिखाता है।  यह सकारात्मक मनोविज्ञान पर आधारित कई तकनीकों, अभ्यासों और यहां तक ​​कि संपूर्ण कार्यक्रमों का ध्यान केंद्रित करता है क्योंकि किसी के परिप्रेक्ष्य में अपेक्षाकृत छोटे बदलाव से कल्याण और जीवन की गुणवत्ता में आश्चर्यजनक बदलाव हो सकते हैं।  अपने जीवन में थोड़ा और अधिक आशावाद और कृतज्ञता व्यक्त करना एक सरल क्रिया है जो आपको जीवन पर मौलिक रूप से अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण दे सकती है।   सकारात्मक मनोविज्ञान सिखाता है कि हमारे रोजमर्रा के कई व्यवहारों में खुशी के लिए क्षमता को अधिकतम करने के लिए किसी के दृष्टिकोण को बदलने की शक्ति का उपयोग कैसे किया जाए।  उदाहरण के लिए, इनमें से प्रत्येक निष्कर्ष हमें अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक ठोस विचार देता है:  लोग अपनी...

लॉक डाउन मे सकारात्मक मनोविज्ञान आवश्यक क्यों है ?

सकारात्मक मनोविज्ञान मानव विचारों, भावनाओं और व्यवहार का अध्ययन करने के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है, जिसमें कमजोरियों के बजाय शक्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, बुरे की याद करने की  बजाय जीवन में अच्छा निर्माण करना और  सामान्य  लोगों के जीवन को  "महान" बनाना है।  सकारात्मक मनोविज्ञान जीवन में सकारात्मक घटनाओं और प्रभावों पर केंद्रित है, जिसमें शामिल हैं:  सकारात्मक अनुभव (जैसे खुशी, ,प्रेरणा और प्यार)।  सकारात्मक स्थिति और लक्षण (जैसे आभार, लचीलापन और करुणा)।  सकारात्मक संस्थान (पूरे संगठनों और संस्थानों के भीतर सकारात्मक सिद्धांतों को लागू करना)।  एक क्षेत्र के रूप में, सकारात्मक मनोविज्ञान अपना अधिकांश समय चरित्र की ताकत, आशावाद, जीवन की संतुष्टि, खुशी, भलाई, कृतज्ञता, करुणा (साथ ही आत्म-करुणा), आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास जैसे विषयों के बारे में सोचने में बिताता है।  लोगों को फलने-फूलने और अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन जीने में मदद करने के लिए इन विषयों का अध्ययन किया जाता है। सकारात्मक मनोविज्ञान आज हमारे जीवन कितनी ...

positive psychology in Hindi

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positive psychology का   अ र्थ है सकारात्मक मनोविज्ञान जो हमे खुशहाल जीवन शैली की ओर अग्रसर करता है । यह एक ऐसा माध्यम है जो जीवन को समझने का नजरिया बदल देता है । जो व्यक्ति जीवन के प्रति उदास हो जाता है ,उस मे एक नई उमंग भर देता है । व्यक्ति अपनी खूबियों के बारे मे जानने और  समझने लगता है। जीवन मे आई मुसीबतों से किस तरह से दूर किया जाए या उनका किस प्रकार डट कर सामना किया जाए ,यह जिंदगी के सभी पहलुओ से रूबरू करता है । हमारे गुणों ओर अवगुणों से हमे भलीभाँति परिचित करता है। यह एक ऐसा साधन है जिसके द्वारा हम अपनी मानसिक शक्तियों और अपनी दुर्बलताओ को समझकर अपने आपको मानसिक रूप से मजबूत  बनाते है । आज की भागदौड़ वाली जिंदगी मे यह एक ऐसी आशा की किरण है ,जो व्यक्ति को अपने आप से रूबरू कराने  मे एक अहम भूमिका निभाता है ।  आज का आधुनिक व्यक्ति कई तरह की मानसिक बीमारियों से ग्रसित है -मानसिक तनाव ,डिप्रेशन ,डबल पर्सनैलिटी आदि । इन सभी परेशानिओ का एक ही उपाय है -वो है ,जीवन मे सकारात्मक सोच को महत्व देना । अपने भीतर छुपी हुई खूबियों को पहचानना ।  जब हमा...

मन तू मुस्कुराता चल

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मन तू मुस्कुराता चल, ना मान हार मुश्किलों से, उन्हें यूं ही ठुकराता चल। आयेंगे तूफान-जलजले, उन्हें यूं ही धकेलता चल। मन तू मुस्कुराता चल -मन तू मुस्कुराता चल।   जो मान ले हार मुश्किलों से,  वो सिकंदर कहलाते नहीं। जो मर मर कर जिए इस जिंदगी में, वो याद किसीको आते नहीं। मन तू यूँही गुनगुनाता चल-मन तू यूँही गुनगुनाता चल  जीते तो जिंदगी गैरो के लिए, वो कभी मरते नहीं। मुश्किलों से कभी घबराकर, मत हार ना जाना कवि जिंदादिल है जो यहां,वो मर नहीं पाते कभी। बसते हैं दिल में सभी के, होते हैं वो अमर तभी। मन तू मुस्कुराता चल -मन तू मुस्कुराता चल।