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Showing posts from August, 2020

Importance of positive psychology in our life

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सकारात्मक मनोविज्ञान अनिश्चितता के इस समय  हमारे व्यवहार  को देखने के लिए एक ऐसा माध्यम है जो हमारे जीवन मे बहुत ही सकारात्मक बदलाव ला  सकेगा ।  सकारात्मक भावनाएं - हमें अपने दिन में भावनाओं के स्वस्थ संतुलन करने के लिए  की आवश्यक होती है।  भावनाओं का एक स्वस्थ संतुलन हमें दूसरों के साथ संबंध बनाने और अपनी सहनशक्ति  बढ़ाने में सक्षम बनाता है।  सकारात्मक भावनाओं में प्यार, विस्मय, आशा, कृतज्ञता, प्रेरणा, आनंद, आशावाद और मनोरंजन शामिल हैं।  शोध से पता चलता है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ तब करते हैं जब हम  सकारात्मक भावनाओं को  अपने जीवन मे स्थान देते है । अपने स्वयं के बारे में यहाँ जाँच कर सकते हैं।अपने जीवन मे सकारात्मक बदलाव लाएंगे तथा दूसरों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदम करेंगे । सर्वप्रथम हमे स्वयं पर काम करना होगा । जब हम खुश रहेंगे ,तभी हम दूसरों को खुशियां दे पाएंगे ।  घर पर सकारात्मक भावनाओं के निर्माण के लिए कुछ विचार प्रस्तुत कर रही हूँ आशा हैं इन्हे अपनाकर आप अपने जीवन मे कुछ सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे - नियमित यो...

परमा - "अच्छे जीवन" जीने की कला सिखाता है

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सकारात्मक जीवन का आधार है - सकारात्मक व्यवहार। जीवन को खुशहाल बनाने के लिए हम किस प्रकार अपनी चारित्रिक शक्तियों को बेहतर कर सकते है ,इसे  जानने और समझने के लिए मार्टिन सेलिगमैन  के सिद्धांत  परमा (PERMA )को जानना बहुत ही आवश्यक है ।  सकारात्मक मनोविज्ञान के पिता मार्टिन सेलिगमैन का मानना ​​है कि पांच मुख्य तत्वों की मदद से लोग  लंबे समय तक चलने वाले खुशी तक पहुंच सकते हैं।   पर्मा मॉडल के द्वारा  एक बार सुखी जीवन के मूल तत्वों को परिभाषित कर लेने के बाद खुशी हासिल की जा सकती है। परमा - "अच्छे जीवन" जीने की कला सिखाता है. एक प्रामाणिक और निरंतर खुशी और कल्याण की भावना को जागृत करता है ।  यह पांच तत्वों से मिलकर बना  है- Positive emotions  (सकारात्मक भावनाएं )   Engagement (कार्य करने की वचनबद्धता ) Relationship (रिश्ते ) Meaning (जीने का अर्थ ) Accomplishment (पूर्णता ) कोई भी तत्व भलाई को परिभाषित नहीं करता है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में इन पांच तत्वों का ...