मन तू मुस्कुराता चल
मन तू मुस्कुराता चल,
ना मान हार मुश्किलों से, उन्हें यूं ही ठुकराता चल।
आयेंगे तूफान-जलजले, उन्हें यूं ही धकेलता चल।
मन तू मुस्कुराता चल -मन तू मुस्कुराता चल।
जो मान ले हार मुश्किलों से,
वो सिकंदर कहलाते नहीं।
जो मर मर कर जिए इस जिंदगी में,
वो याद किसीको आते नहीं।
मन तू यूँही गुनगुनाता चल-मन तू यूँही गुनगुनाता चल
जीते तो जिंदगी गैरो के लिए, वो कभी मरते नहीं।
मुश्किलों से कभी घबराकर, मत हार ना जाना कवि
जिंदादिल है जो यहां,वो मर नहीं पाते कभी।
बसते हैं दिल में सभी के, होते हैं वो अमर तभी।

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